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मध्य-पूर्व में क्या फिर से छिड़ने वाली है जंग? नेतन्याहू बोले- 'उस पायलट को भेजने वाले को चुकानी होगी भारी कीमत'

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Oct 02, 2026 09:09 pm IST,  Updated : Oct 02, 2026 09:09 pm IST

इजरायली यात्रियों से भरी फ्लाइट को क्रैश कराने की साजिश को लेकर नेतन्याहू गुस्से में हैं। उन्होंने वॉर्निंग देते हुए कहा कि को-पायलट को भेजने वाले को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

Benjamin Netanyahu Warning- India TV Hindi
बेंजामिन नेतन्याहू ने दी सख्त वॉर्निंग। Image Source : BENJAMIN NETANYAHU (X)/FLYDUBAI.COM

मिडिल-ईस्ट एक बार फिर उबल रहा है। आशंका जताई जा रही है कि युद्ध में इजरायल फिर से कूदने वाला है। दरअसल, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने को-पायलट भेजने वाले देश को सजा देने का ऐलान कर दिया है। मोसाद जांच में जुटी है। ट्रंप ने ईरान की तरफ इशारा कर दिया है। उधर, अरब सागर में जंगी बेड़ों की री-पोजिशनिंग शुरू हो गई है। ईरान भी समझ गया है युद्ध फिर होने वाला है। हो सकता है कि ट्रंप एक बार फिर नेतन्याहू के साथ मिलकर ईरान पर हमला करेंगे। अमेरिका ने उससे पहले सऊदी अरब और कतर में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम कर दिए हैं।

भारी कीमत चुकानी होगी- नेतन्याहू

बताया जा रहा है कि अगर मोसाद ने रिपोर्ट में ये साबित कर दिया कि ओमानी पायलट का कनेक्शन ईरान से है तो नेतन्याहू बमबारी शुरू करने में देरी नहीं करेंगे। इस मामले की जांच इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद, अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA, सऊदी अरब, यूएई और ओमान की जांच एजेंसिया कर रही हैं। इस बीच, नेतन्याहू ने एक वीडियो जारी करके कहा कि जिसने भी इस पायलट को भेजा है उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम अपने दुश्मनों को छोड़ेंगे नहीं, हम उन्हें बहुत कड़ा सबक सिखाएंगे।

मिडिल-ईस्ट में अमेरिका ने भी बढ़ाई सैनिकों की तैनाती

उधर, मिडिल ईस्ट में नवंबर से पहले अमेरिका ने सेना और हथियारों का बड़ा बिल्डअप शुरू कर दिया है। सऊदी अरब और कतर में नए पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम भेजे हैं। अमेरिका 9 हजार अतिरिक्त सैनिक मिडिल ईस्ट भेज रहा है। यहां पहले से करीब 40 हजार अमेरिकी सैनिक यहां मौजूद हैं।

ईरान के करीब जंगी बेड़ों की तैनाती बढ़ा रहा अमेरिका

इसके अलावा, ट्रंप तीन जंगी बेड़ों की तैनाती ईरान के करीब कर रहे हैं। युद्धपोत यूएसएस थियोडोर रूजवेल्ट अमेरिका से रवाना हो चुका है। नवंबर में ये स्ट्राइकिंग पोजिशन पर तैनात हो जाएगा। यूएसएस जॉर्ज वाशिंगटन को पहले ही ईरान के करीब ड्यूटी पर तैनात कर दिया गया है। यूएसएस अब्राहम लिंकन भी मिडिल ईस्ट के इंटरनेशनल वॉटर में मौजूद है। मतलब मिडिल ईस्ट में नवंबर के पहले हफ्ते में ही भयंकर युद्ध शुरू होने की आशंका बहुत ज्यादा है।

ईरान भी युद्ध और डील दोनों के लिए तैयार

उधर, ईरान भी कह रहा है वो डील और युद्ध दोनों के लिए तैयार है। उसने हवा में दुश्मन के फाइटर जेट का पीछा करने वाली मिसाइल की टेस्टिंग कर ली है। अगर ईरान के आसमान पर पिछले युद्ध की तरह इजरायल और अमेरिका के फाइटर प्लेन बमबारी करने आते हैं तो ईरान उन्हें नई मिसाइल से जमीन दिखा सकता है।

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